जिंदगी
ऐ जिन्दगी अब और कुछ न मांग हमसे ,तू सोच के तूने दिया क्या है .....तेरी उधारी का हम हिसाब रख न पाएनही ...
madan द्वारा 24 नवंबर, 2009 6:10:00 PM IST पर पोस्टेड
दुआ
खुदा से क्या मांगू तेरे वास्ते सदा खुशियों से भरे हों तेरे रास्ते हंसी तेरे चेहरे पे रहे इस तरह ...
madan द्वारा 24 नवंबर, 2009 6:00:00 PM IST पर पोस्टेड
कविता
हार भी है यहीं, जीत भी है यहीं,जिसको चाहो उसी का मजा लीजिए।शत्रु भी हैं यहीं, मीत भी है यही,जिसको ...
madan द्वारा 24 नवंबर, 2009 5:56:00 PM IST पर पोस्टेड
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